
ऊष्मा की बर्बादी रोकें: ग्लास को ठीक से गर्म करने हेतु एक बेहतर तरीका
यदि आपने कभी ग्लास उत्पादन संयंत्रों में काम किया है, तो आपको तापीय तनाव की समस्याओं का अंदाजा होगा। तापमान को सही स्तर पर रखना आवश्यक है; अन्यथा ग्लास ठीक से टूटेगा नहीं, और सफाई करने में बहुत समय लगेगा।
कई कारखानों में अभी भी पुराने तरह के हीतिंग उपकरणों का उपयोग किया जाता है। समस्या यह है कि ऐसे उपकरण ऊष्मा को हवा में ही छोड़ देते हैं… इससे आपको पूरे कमरे को गर्म करने हेतु बहुत ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है।
इसीलिए हम शॉर्टवेव इन्फ्रारेड (IR) लैंपों का उपयोग करते हैं। ऐसे लैंप हवा को गर्म करने के बजाय सीधे ग्लास की सतह को गर्म करते हैं… यह तो बहुत ही बेहतर तरीका है।
यह कैसे काम करता है?
इसे इस तरह समझें – एक व्यक्ति को गर्म करने हेतु पूरे कमरे को गर्म करने के बजाय, आप सिर्फ एक हीतिंग लैंप का उपयोग करते हैं। IR विकिरण सीधे ग्लास की सतह पर पहुँचता है… इससे आपको बड़े कमरों को गर्म करने हेतु ऊर्जा खर्च करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती।
उपकरण
हम ऐसे उपकरण ऐसे ही डिज़ाइन करते हैं कि वे कठिन परिस्थितियों में भी काम कर सकें। हमारे अधिकांश लैंप ऐसे ही हैं जो आपके मौजूदा उपकरणों में आसानी से फिट हो जाते हैं। हम उच्च शुद्धता वाले क्वार्ट्ज सामग्री का ही उपयोग करते हैं… क्योंकि ऐसी सामग्री गर्म होने पर भी विकृत नहीं होती।
उचित वाटेज चुनना
हम आपको आपकी उत्पादन प्रक्रिया की गति के आधार पर ही उचित वाटेज चुनने में मदद करते हैं। उच्च वाटेज से गर्म होने में समय कम लगेगा… लेकिन इससे बिजली की आवश्यकता भी बढ़ जाएगी। ध्यान रखें कि आपकी वायरिंग एवं ब्रेकर इस अतिरिक्त धारा को संभाल सकें… वरना आपको हर बार बिजली सिस्टम को फिर से सेट करना ही पड़ेगा।
नुकसान
IR हीतिंग से आपको बिजली की लागत में बचत होती है… लेकिन इसके लिए थोड़ी सी सावधानी आवश्यक है। IR विकिरण दिशात्मक होता है… यदि लैंप थोड़ा भी विचलित हो जाए, तो गर्मी असमान रूप से फैलेगी… जिससे ग्लास ठीक से नहीं टूटेगा। लेकिन यह समस्या आसानी से ही हल हो जाती है… बस इंस्टॉलेशन के दौरान ध्यान से काम करना होगा।
जब आप ऐसे उपकरणों का उपयोग करेंगे, तो आपको अपनी उत्पादन प्रक्रिया में तुरंत ही फर्क महसूस होगा… एवं आपकी लागतों में भी कमी आएगी।